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बकाया ई-चालान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सड़क पर जांच में जब्त हो सकते हैं वाहन

सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ई-चालान की वसूली पर सख्ती दिखाई। रैंडम जांच में लंबित चालान मिलने पर नियमों के तहत वाहन जब्ती समेत कई कार्रवाई हो सकती है।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Unpaid E Challan: ट्रैफिक नियम तोड़कर चालान भरने में लापरवाही करने वाले वाहन मालिकों के लिए अब परेशानी बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ई-चालानों की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के सामने रखे गए आंकड़ों के मुताबिक देशभर में बड़ी संख्या में ई-चालान जारी हुए हैं, लेकिन उनका पूरा भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने माना कि केवल ई-चालान जारी कर देना पर्याप्त नहीं है। बकाया राशि की वसूली के लिए एक प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

जांच के दौरान हो सकती है कार्रवाई

अदालत के निर्देशों के मुताबिक पुलिस सड़क पर वाहनों की रैंडम जांच कर सकती है। जांच के दौरान यदि किसी वाहन पर बकाया चालान पाया जाता है, तो नियमों के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। खासतौर पर बार-बार चालान होने के बावजूद भुगतान नहीं करने वाले वाहन मालिकों पर सख्ती की बात कही गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर वाहन को केवल एक लंबित चालान के आधार पर स्वतः जब्त कर लिया जाएगा। कार्रवाई संबंधित कानून और अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।

सिर्फ जब्ती नहीं

बकाया चालानों की वसूली के लिए राज्यों को कई प्रशासनिक उपाय अपनाने को कहा गया है। इनमें वाहन से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं को रोकना, स्वामित्व हस्तांतरण पर रोक, फिटनेस और PUC प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार तथा परिवहन पोर्टल पर वाहन को ब्लैकलिस्ट करना जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

ई-चालान के बाद भी क्यों बढ़ी चिंता?

ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन रिकॉर्ड करना और जुर्माना वसूलना है। लेकिन बड़ी संख्या में चालान लंबित रहने से व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। सुप्रीम कोर्ट का जोर इसी बात पर है कि चालान जारी होने के बाद उसकी वसूली की प्रक्रिया भी प्रभावी हो। अब राज्यों और पुलिस प्रशासन के सामने चुनौती बकाया चालानों की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी वसूली सुनिश्चित करने की है। वाहन मालिकों के लिए भी लंबित चालानों की स्थिति की जानकारी रखना महत्वपूर्ण होगा।

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